राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य
यह भारत की सबसे बड़ी नदी-आधारित संरक्षित जगह है — 5,400 वर्ग किमी, तीन राज्यों में फैली, चंबल के लगभग 425 किमी हिस्से पर। UP का हिस्सा 29 जनवरी 1979 को अधिसूचित हुआ था।
यहाँ जो रहता है, वह कहीं और लगभग बचा ही नहीं: घड़ियाल — दुनिया की सबसे बड़ी आबादी यहीं है। गंगा नदी की डॉल्फ़िन — जिसे स्थानीय भाषा में सूँस कहते हैं, और जो अंधी होती है, आवाज़ से रास्ता खोजती है। लाल सिर वाला कछुआ, ऊदबिलाव, मगरमच्छ, और इंडियन स्किमर — एक चिड़िया जो दुनिया में बड़ी संख्या में सिर्फ़ यहीं घोंसला बनाती है।
पर सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह नदी साफ़ क्यों बची। जवाब वही है जिस पर इस इलाक़े को शर्म आती रही: बीहड़ों की बदनामी। दशकों तक यहाँ डाकुओं का डर रहा, इसलिए कोई फ़ैक्ट्री नहीं आई, कोई उद्योग नहीं लगा। जिस चीज़ ने इस इलाक़े को पिछड़ा कहलवाया, उसी ने नदी को बचा लिया।
और एक बात जो हर इटावा वाले को पता होनी चाहिए — 2025 में जो घड़ियाल के बच्चे निकले, उनमें सबसे ज़्यादा इटावा रेंज में थे। बाह से भी ज़्यादा। विस्तार से नदी वाले पन्ने पर।