🚀 छोटे शहर से भी कंपनी बनती है — इंटरनेट सबके लिए एक जैसा है📋 DPIIT recognition मुफ़्त है · UP Startup Policy में पंजीयन शुल्क नहीं🤝 इटावा में कुछ बना रहे हो? समुदाय में नाम दर्ज कराओ🚀 छोटे शहर से भी कंपनी बनती है — इंटरनेट सबके लिए एक जैसा है📋 DPIIT recognition मुफ़्त है · UP Startup Policy में पंजीयन शुल्क नहीं🤝 इटावा में कुछ बना रहे हो? समुदाय में नाम दर्ज कराओ
इटावा के founders का समुदाय

कंपनी बनाने के लिए
बेंगलुरु जाना ज़रूरी नहीं

इंटरनेट इटावा में भी वैसा ही चलता है जैसा गुड़गाँव में। जो नहीं मिलता वो है — रास्ता किसने बताया, और साथ में कौन खड़ा है। यह पन्ना दोनों के लिए है।

कौन क्या बना रहा है

इटावा के Founders

पहला कदम

कौन सा ढाँचा चुनें?

सबसे पहली ग़लती यही होती है — बिना ज़रूरत के Private Limited बनवा लेना, या कागज़ ही न बनवाना। सही जवाब इस पर टिका है कि आप कर क्या रहे हो।

ढाँचाकिसके लिएखर्च व झंझटध्यान रखो
प्रोप्राइटरशिप अकेले काम कर रहे हो — दुकान, freelancing, सेवा। शुरुआत में यही ठीक है। सबसे सस्ता। उद्यम + GST (ज़रूरत हो तो) बस। अलग ITR नहीं — आपकी ही आय है। देनदारी असीमित — नुकसान हुआ तो निजी सम्पत्ति भी दाँव पर। निवेश नहीं ले सकते।
पार्टनरशिप दो-तीन लोग साथ, पारंपरिक व्यापार। कम। पार्टनरशिप डीड बनवाओ, पंजीयन कराना बेहतर। देनदारी असीमित, और साझेदार की ग़लती की ज़िम्मेदारी आप पर भी।
LLP दो-तीन साथी, सेवा या consulting — निवेश नहीं लेना। मध्यम। हर साल MCA में filing ज़रूरी, चाहे कारोबार शून्य हो। देनदारी सीमित — यह बड़ा फ़ायदा है। पर VC/angel LLP में निवेश नहीं करते।
Private Limited असली startup — निवेश लेना है, ESOP देना है, DPIIT व सरकारी grant चाहिए। सबसे ज़्यादा। ऑडिट, बोर्ड, हर साल MCA filing — शून्य कारोबार पर भी। देनदारी सीमित। DPIIT recognition व ज़्यादातर startup grant सिर्फ़ Pvt Ltd / LLP / पंजीकृत पार्टनरशिप को मिलते हैं — प्रोप्राइटरशिप को नहीं।
अगर अभी सिर्फ़ idea है और कमाई शुरू नहीं हुई — Pvt Ltd मत बनवाओ। हर साल का compliance खर्च चालू हो जाएगा, चाहे कारोबार कुछ न हो। पहले प्रोप्राइटरशिप में शुरू करो, ग्राहक बनाओ। जब निवेश या grant की बात आए, तब Pvt Ltd में बदल लेना — यह हो सकता है।
पैसा कहाँ से

पैसे की सीढ़ी — नीचे से ऊपर

क्रम मायने रखता है। सीधे grant के पीछे मत भागो — ज़्यादातर के लिए पहले DPIIT recognition चाहिए, और उसके लिए कंपनी।

  1. अपनी जेब व पहला ग्राहक

    सबसे सस्ता पैसा — जो कमाई से आए

    कोई grant देने वाला यह नहीं पूछता कि idea कितना अच्छा है। पूछता है — किसी ने पैसे दिए क्या? एक ग्राहक, दस हज़ार की कमाई — यह हर pitch deck से भारी है।

    🎯 सबके लिए · पहला पड़ाव
  2. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी (MYUVA)

    ₹5 लाख तक — ब्याज़-मुक्त

    UP का अपना कार्यक्रम। नया उद्यम शुरू करने वालों के लिए, प्रशिक्षण के बाद ऋण। msme.up.gov.in पर आवेदन।

    🎯 21–40 साल के UP युवा · 8वीं पास
  3. मुद्रा लोन / PMEGP / Stand-Up India

    मुद्रा ₹10 लाख तक — बिना guarantee

    किसी भी बैंक से। शिशु (₹50k) · किशोर (₹5L) · तरुण (₹10L)। PMEGP में margin money subsidy मिलती है। Stand-Up India — SC/ST व महिला उद्यमियों के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़। बैंक टाल दे तो RBI लोकपाल 14448

    🎯 दुकान, निर्माण, सेवा — कोई भी छोटा कारोबार
  4. DPIIT Recognition (Startup India)

    मुफ़्त — पर इसके बिना आगे कुछ नहीं

    startupindia.gov.in पर ऑनलाइन। यह पैसा नहीं देता, पर चाबी है — इसके बाद ही ज़्यादातर grant के दरवाज़े खुलते हैं। साथ में — 3 साल का आयकर छूट (धारा 80-IAC, अलग से आवेदन करना होता है), स्व-प्रमाणन, पेटेंट में तेज़ी, सरकारी टेंडर में छूट।

    🎯 Pvt Ltd / LLP / पंजीकृत पार्टनरशिप · 10 साल से कम पुरानी
  5. UP Startup Policy (StartinUP)

    भरण-पोषण ₹17,500/माह · प्रोटोटाइप ₹5 लाख · मार्केटिंग ₹7.5 लाख

    startinup.up.gov.in पर पंजीयन — कोई शुल्क नहीं, पर DPIIT प्रमाणपत्र चाहिए। idea स्तर पर एक साल तक भरण-पोषण भत्ता, MVP बनाने को प्रोटोटाइप grant, बाज़ार में उतारने को seed/marketing सहायता। पेटेंट खर्च वापस — भारतीय ₹2 लाख, विदेशी ₹10 लाख तक। राष्ट्रीय आयोजन में जाने पर ₹50,000, अंतर्राष्ट्रीय पर ₹1 लाख तक।

    🎯 UP में पंजीकृत startups · लाभ मान्यता-प्राप्त incubator के ज़रिए मिलते हैं
  6. Startup India Seed Fund (SISFS)

    ₹20 लाख grant + ₹50 लाख debt

    देश का सबसे founder-friendly पैसा — grant वाले ₹20 लाख में न हिस्सेदारी जाती है, न वापस करना पड़ता है। पैसा सीधे सरकार नहीं देती, DPIIT-मान्यता प्राप्त incubator के ज़रिए आता है। तीन incubator चुनकर आवेदन होता है।

    ⚠️ ध्यान दो: जब यह पन्ना बना (जुलाई 2026), सार्वजनिक सूचना के अनुसार SISFS में आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई 2026 बताई गई थी — यानी वह खिड़की बंद हो चुकी है। नया दौर खुला है या नहीं, यह seedfund.startupindia.gov.in पर ख़ुद जाँच लो। इंतज़ार में बाक़ी काम मत रोको।
    🎯 DPIIT-मान्यता प्राप्त · 2 साल से कम पुरानी · तकनीक आधारित
  7. Angel / VC निवेश

    यहाँ हिस्सेदारी जाती है

    यह आख़िरी सीढ़ी है, पहली नहीं। निवेशक तब आते हैं जब ग्राहक व कमाई दिख जाए। और याद रखो — हर कारोबार को निवेश चाहिए ही नहीं। मुनाफ़े में चलती कंपनी किसी fund raise से बेहतर है।

    🎯 जब ग्रोथ साबित हो चुकी हो
बारीक बात — जो generic गाइड नहीं बतातीं

इटावा वालों के लिए ख़ास

+50% किसे मिलता है

UP Startup Policy में महिला, ट्रांसजेंडर या दिव्यांगजन सह-संस्थापक (26% से ज़्यादा हिस्सेदारी) हों, या संस्थापक EWS वर्ग से हों — तो भरण-पोषण व seed capital में 50% अतिरिक्त मिलता है।

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पर क्षेत्र वाला बोनस नहीं

+50% का क्षेत्रीय लाभ पूर्वांचल व बुंदेलखंड के लिए है। इटावा कानपुर मंडल में आता है, इसलिए उस आधार पर अतिरिक्त नहीं मिलेगा। यह जानकर आवेदन करो — ग़लत उम्मीद से बचोगे।

🏢

Incubator कहाँ

नीति का लक्ष्य है — हर ज़िले में कम से कम एक incubator। इटावा में अभी क्या स्थिति है, यह startinup.up.gov.in की मान्यता-प्राप्त incubator सूची में देखो। नज़दीक में कानपुर व लखनऊ के संस्थान हैं।

UP Startup Policy के ज़्यादातर लाभ सीधे नहीं मिलते — वे किसी मान्यता-प्राप्त incubator के ज़रिए आते हैं। इसलिए क्रम यह है: कंपनी बनाओ → DPIIT recognition लो → StartinUP पर पंजीयन → incubator से जुड़ो → तब grant की बात। सीधे grant के फ़ॉर्म ढूँढने में समय मत गँवाओ।
2 मिनट में जवाब

आपको कौन-सी योजना मिल सकती है?

पाँच सवाल। हर योजना के फ़ॉर्म पढ़ने की ज़रूरत नहीं — बताओ आप कहाँ खड़े हो, हम बता देंगे कि क्या मिल सकता है, क्या नहीं, और क्यों।

idea नहीं है? यहाँ से उठाओ

इटावा में क्या नहीं है

नीचे वे श्रेणियाँ हैं जिनमें इस directory की गिनती शून्य या बहुत कम है। जहाँ माँग है और दुकान नहीं, वहीं कारोबार है।

यह सूची इस directory पर आधारित है, जो अधूरी है। "० मिले" का मतलब यह भी हो सकता है कि हमें नहीं मिला — न कि इटावा में है ही नहीं। कारोबार शुरू करने से पहले ख़ुद बाज़ार में जाकर देखो, दस लोगों से पूछो। यह शुरुआत का इशारा है, फ़ैसला नहीं।
काम के दरवाज़े

कहाँ जाना है

कागज़ी काम में मदद चाहिए?

कंपनी पंजीयन, GST, उद्यम, ट्रेडमार्क, ITR — यह सब ऑनलाइन होता है और आप ख़ुद भी कर सकते हो। करवाना हो तो किसी CA या अधिकृत प्लेटफ़ॉर्म से कराओ। इटावा में GoVyapar (govyapar.com) यह सेवा देता है — CA की देखरेख में। शहर के अन्य CA बाज़ार पन्ने पर हैं।

इटावा में कुछ बना रहे हो? 🚀

दुकान हो, ऐप हो, YouTube चैनल हो या खेत से सीधा बेचने का धंधा — नाम दर्ज कराओ। जब दस लोग एक जगह दिखेंगे, तभी ग्यारहवें को हिम्मत होगी।

अपना startup दर्ज कराओ मीटिंग में आओ →

✓ मुफ़्त   ✓ कोई हिस्सेदारी नहीं   ✓ verify करके ही publish