ज़िले का कुल बजट कहीं प्रकाशित नहीं होता
उत्तर प्रदेश का राज्य बजट सार्वजनिक है, हर योजना का बजट भी — पर ज़िलेवार कुल बजट सरकार अलग से प्रकाशित नहीं करती। पैसा दर्जनों विभागों, योजनाओं और मदों से आता है, और हर एक का हिसाब अपनी-अपनी जगह रहता है।
इसीलिए इस पन्ने पर ज़िले के बजट का कोई अनुमान नहीं दिया गया। अंदाज़े का आँकड़ा एक बार छप जाए तो लोग उसी को सच मानकर आगे बढ़ा देते हैं।
नीचे वह है जो उपलब्ध है: हर विभाग क्या ख़र्च करता है, उसका पैसा किस रास्ते आता है, हिसाब कहाँ दिखता है, और न दिखे तो किससे माँगा जाए।
पैसा ज़िले तक कैसे पहुँचता है
हर रुपया इनमें से किसी एक रास्ते से आता है। यह समझ लो तो पता चल जाएगा कि किस चीज़ का हिसाब कहाँ माँगना है।
ये तीन संख्याएँ तय हैं
अंदाज़ा नहीं — ये नियमों में लिखी हैं और हर जगह एक जैसी लागू होती हैं।
कौन-सा विभाग, कौन-सा पैसा
किसी भी विभाग पर टैप करो — क्या करता है, पैसा कहाँ से आता है, हिसाब कहाँ दिखता है, और RTI में क्या पूछना है।
ज़िले का हिसाब चाहिए तो — ज़िला योजना
ज़िला योजना समिति (District Planning Committee) हर साल ज़िला योजना मंज़ूर करती है — जिसमें विभागवार प्रस्ताव व राशि होती है। यह दस्तावेज़ मौजूद है। छपता भले न हो, पर माँगा जा सकता है।
RTI में यह पूछो
जन सूचना अधिकारी, ज़िला अर्थ एवं संख्या अधिकारी / मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय, इटावा को — ₹10 में:
• विगत 3 वित्तीय वर्षों की अनुमोदित ज़िला योजना की प्रति
• उसमें विभागवार प्रस्तावित एवं स्वीकृत धनराशि
• प्रत्येक विभाग को वास्तव में अवमुक्त (released) राशि
• व्यय की स्थिति व अव्ययित राशि
• ज़िला योजना समिति की बैठकों की कार्यवृत्त (minutes)
पहले यह आज़माओ — मुफ़्त व तुरंत
RTI से पहले ये देख लो, बहुत कुछ यहीं मिल जाता है:
• पंचायत का पूरा हिसाब — egramswaraj.gov.in (बिना लॉगिन)
• मनरेगा का हर काम व मज़दूरी — nrega.nic.in
• सांसद निधि के काम — mplads.gov.in
• DBT/किस्त पहुँची या नहीं — pfms.nic.in
• स्कूल का ब्योरा — udiseplus.gov.in
पूरी सूची जनता का पैसा पन्ने पर है।
सही विभाग पता चल गया? 🎯
आधी लड़ाई यही थी। अब उसी विभाग के सही अधिकारी को, सही भाषा में अर्ज़ी लिखो — या RTI लगाओ।
कौन अधिकारी ज़िम्मेदार है →