⚖️ शिकायत सिर्फ़ बात नहीं, एक record है📜 RTI का जवाब देना अधिकारी की मजबूरी है — 30 दिन की कानूनी समय-सीमा🤖 AI आपके लिए ड्राफ्ट बनाएगा — आप सिर्फ़ बोलो⚖️ शिकायत सिर्फ़ बात नहीं, एक record है📜 RTI का जवाब देना अधिकारी की मजबूरी है — 30 दिन की कानूनी समय-सीमा🤖 AI आपके लिए ड्राफ्ट बनाएगा — आप सिर्फ़ बोलो
AI-powered · मुफ्त · कोई वकील नहीं चाहिए

बोलो अपनी बात,
अर्ज़ी हम लिख देंगे

"गली 3 साल से नहीं बनी" — बस इतना लिखो। AI आपके लिए औपचारिक शिकायत पत्र और RTI आवेदन तैयार कर देगा: सही अधिकारी, सही धारा, सही समय-सीमा के साथ।

1मामला किस बारे में है?

2अपनी बात लिखो

📂 मेरी शिकायतें

हर ड्राफ्ट यहाँ अपने-आप दर्ज होता है। चरण पूरे करते जाओ — रिसीविंग ली, 1076 पर दर्ज कराया, RTI भेजी — और 30 दिन की RTI गिनती यह पन्ना खुद रखेगा। सब कुछ आपके ही फ़ोन में रहता है, हमारे किसी server पर नहीं।

सबसे ताक़तवर हथियार

RTI क्या है, और क्यों काम करती है

शिकायत का जवाब देना अधिकारी की मर्ज़ी है। RTI का जवाब देना उसकी कानूनी मजबूरी है। यही फ़र्क़ सब बदल देता है।

₹10

बस दस रुपये

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6 के तहत आवेदन का शुल्क सिर्फ़ ₹10 है। BPL कार्ड धारकों के लिए बिल्कुल मुफ्त।

30

तीस दिन की समय-सीमा

जन सूचना अधिकारी को 30 दिन में जवाब देना ही पड़ता है। जीवन या स्वतंत्रता से जुड़ा मामला हो तो 48 घंटे।

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जवाब न मिले तो अपील

30 दिन में जवाब न आए या अधूरा आए, तो धारा 19(1) के तहत प्रथम अपील। उसके बाद राज्य सूचना आयोग तक जा सकते हो।

असली ताक़त यह है: जब आप पूछते हो "इस सड़क के लिए कितना बजट पास हुआ, किस ठेकेदार को दिया, काम कब पूरा होना था" — तो जवाब देना पड़ता है, और वो जवाब एक दस्तावेज़ बन जाता है। ज़्यादातर मामलों में RTI का जवाब आने से पहले ही काम शुरू हो जाता है।
क्रम से चलो

सुनवाई न हो तो आगे का रास्ता

हर सीढ़ी पर सबूत रखो — शिकायत नंबर, तारीख़, रसीद। यही आगे काम आते हैं।

  1. पहला कदमसम्बंधित विभाग में लिखित शिकायतऊपर वाला ड्राफ्ट प्रिंट करके दो। रिसीविंग ज़रूर लो — यानी कॉपी पर विभाग की मोहर और तारीख़। यही आपका सबूत है।
  2. 7–15 दिन बादCM हेल्पलाइन 1076 / जनसुनवाई पोर्टलसुनवाई न हो तो 1076 पर या jansunwai.up.nic.in पर दर्ज कराओ। शिकायत नंबर मिलता है और अधिकारी को जवाब देना पड़ता है।
  3. साथ-साथRTI लगाओऊपर वाला RTI ड्राफ्ट जन सूचना अधिकारी को भेजो। 30 दिन की कानूनी घड़ी शुरू हो जाती है।
  4. 30 दिन बादप्रथम अपील — धारा 19(1)RTI का जवाब न आए तो उसी विभाग के प्रथम अपीलीय अधिकारी को अपील करो। कोई शुल्क नहीं।
  5. आख़िरी रास्ताराज्य सूचना आयोग / जिलाधिकारी जनता दर्शनद्वितीय अपील उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग में। साथ ही DM के जनता दर्शन में मामला रख सकते हो।

अकेली आवाज़ दब जाती है 📢

शिकायत भेजने के बाद उसे City Issues बोर्ड पर भी डालो। जब मोहल्ला एक साथ खड़ा होता है, तब सुनवाई होती है।

City Issues बोर्ड पर डालो